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बिलासपुर हत्याकांड :- पिता की हत्या का बदला पड़ोसी को उतारा मौत के घाट,8 वर्षों से कर रहे थे इंतजार …मौका मिलते ही 3 आरोपियों ने उतारा मौत के घाट

बिलासपुर – रक्षाबंधन के दिन सऱकंड़ा.थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड की घटना सामने आई है, जिसमें 3 भाइयों ने मिलकर पड़ोसी व्यक्ति को कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया है।

घात लगाकर कुल्हाड़ी और लाठी से जान लेवा हमला

मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लगरा में रहने वाला छतराम केंवट रोजी-मजदूरी करता था। सोमवार की सुबह उनके पड़ोसी जितेंद्र केंवट, धर्मंद्र केंवट और हेमंत केंवट ने उस पर घात लगाकर कुल्हाड़ी और लाठी से जान लेवा हमला कर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इधर हत्या की सूचना पर पहुंची सरकंडा पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की, जिससे पता चला कि पड़ोस में ही रहने वाले धमंद्र केंवट और उसके भाईयों से छतराम का विवाद चल रहा था।

तीसरा आरोपी फरार,तलाश जारी

जिसके आधार पर पुलिस की टीम ने गांव में घेराबंदी कर हेमंत केंवट और धर्मंद्र को पकड़ लिया है। इधर जितेंद्र पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि छतराम और उसके पिता संतोष ने करीब 8 साल पहले धर्मेन्द्र के पिता तिलकराम केंवट की हत्या कर दी थी। इस मामले में दोनों को पुलिस ने जेल भी भेज दिया था। करीब आठ साल जेल में रहने के बाद दोनों छूटकर बाहर आ गए। संतोष पूणे में रहकर रोजी मजदूरी करता है। छतराम गांव में ही रहकर रोजी-मजदूरी कर रहा था। अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उन्होंने छतराम की हत्या की घटना को अंजाम दिया है। अब पुलिस तीसरे फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

मां को टोनही कहकर समाज मे कर रहे थे अपमानित..

आरोपी युवकों ने बताया कि छतराम और उसके परिवार के लोगो ने पहले उनके पिता तिलक की हत्या कर दी थी। इसके बाद वे उनकी मां को टोनही कहकर प्रताड़ित करते थे। इसके कारण मोहल्ले वाले भी उनसे दूरी बनाने लगे थे। इसी बात को लेकर धर्मेन्द्र और उसके भाईयों ने छतराम की हत्या करने की योजना बना ली थी। सोमवार को मौका मिलते ही उन्होंने छतराम को मौत के घाट उतार दिया है।

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